जिब्रईले अमिन और नुरानी तारा

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम , अस्सलाम अलैकुम दोस्तों, इस पोस्ट में जिब्रईले अमिन और नुरानी तारा का वाकिया पढेंगे और यह हिकायत पढेंगे उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़े और अपने बच्चो को इस्लाम की सच्ची कहानियो से और सच्चे  वाकियात से रूबरू कराये आपको और भी एसी ही हिकायते या कहिये islamic moral stories islamic waqiyaat हमारी साईट पर पढने मिलेंगी गौर फरमाईये ! 

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जिब्रईले अमिन और एक नुरानी तारा | जिब्रईले अमिन और नुरानी तारा |Jibrail e amin aur Nurani Tara 

जिब्रईले अमिन और नुरानी तारा

जिब्रईले अमिन और एक नुरानी तारा 

एक मर्तबा हुजुर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हजरत जिब्रईले अमिन अलैहिस्सलाम से दरयाफ्त 

फरमाया के ए जिब्राईल तुम्हारी उम्र कितनी है ? तो जिब्राईल ने अर्ज किया हुजुर मुझ्र कुछ खबर नहीं 

हा इतना जानता हु के चौथे  हिजाब में एक नुरानी तारा सत्तर हजार बरस के बाद चमकता था , 

मैंने उसे बहत्तर हजार मरतबा चमकते हुए देखा है. हुजुर अलैहिस्सलाम ने ये सुनकर फरमाया 

व इज्जती रब्बी अना जालिकल कोकब ,मेरे रब की इज्जत की कसम मई ही वो नुरानी तारा हूँ . 

(रूह-उल-बयान सफा ९७४ जिल्द 1 )

सबक :- हमारे हुजुर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम कायनात की हर चीज़ से पहले पैदा फरमाए 

गए है, और आपका नुरे पाक उस वक़्त भी था जबके न कोई फ़रिश्ता था . न कोई बशर ना ज़मीन थी

न आसमान  और ना कोई और शै . फसल्लाल्लाहो अलैह व सल्लम 

जिब्रईले अमिन और एक नुरानी तारा 

हमे पता चला की अल्लाह पाक ने किसी चीज़ को दुनिया में पैदा भी नहीं किया था 

उससे भी पहले से आप हुजुर अलैहिस्सलाम का नुरे मुबारक अर्श पर था और  आपके लिए ही

अल्लाह पाक ने इस दुनिया को बनाया और दुनिया की हर चीज़ बनायीं.  आपके दुनिया में आने से पहले से 

आपका नुरे पाक कई हजारो साल बरस से ही अर्श पर जगमगा रहा था .  हुजुर अलैहिस्स्स्लम ने आप 

जिब्रईले अमिन से उनकी उम्र  पूछी लेकिन आपको पता था की जिब्रईले अमिन ने आपको देखा है और 

उन्हें यही बताने के लिए ही इस तरह से हुजुर अलैहिस्सलाम ने उनसे दरयाफ्त किया और उम्र पूछी 

लेकिन जब जिब्र्यिले अमिन ने कहा की मेने एक नुरानी तारे को बहत्तर हजार मरतबा देखा है 

तब हुजुर अलैहिस्सलाम ने आपको बताया की वही नुरानी तारा है . आका अलैहिस्सलाम ल्लाह पाक की 

कुदरत से अगली पिछली सारी  बाते जानते है :- 

जो हो चुका है जो होगा , हुजुर जानते है

तेरी अता  से खुदाया , हुजुर जानते है 

खुदा को देखा नहीं और एक मान लिया 

के जानते थे सहाबा , हुजुर जानते है 

 

 

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