हज़रत जैनब बिन्ते जहश रज़ीयल्लाहू अन्हा

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम इस पोस्ट में हम हज़रत जैनब बिन्ते जहश रज़ियल्लाहू अन्हा के बारे में मुख़्तसर तजकिरा पढेंगे गौर फरमाईये और अपनी ज़िन्दगी सवारने के लिए इन नेक बीबियो की ज़िन्दगी से सबक हासिल कीजिये .

ताज्किराए सलिहात 

हज़रत जैनब रज़िय्ल्लाहू अन्हा की ज़िन्दगी मुख़्तसर में | हज़रत जैनब बिन्ते जहाश रज़ियल्लाहू अन्हा

ताज्किराए सलिहात में हम उम्मुल मोमिनीन यानि हम उम्मतियो की माये जो हमारे प्यारे आका मुहम्मद

मुस्तफा सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की नेक बिबिया है उनका तजकिरा पढेंगे , कहने का मतलब ये की

हम मुख़्तसर में  नेक बीबियो का तजकिरा पढेंगे जिनमे आज हम हज़रत जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा

अम्मा जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा का जिक्र  करेंगे गौर फरमाइए

आप हज़रत जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा  हुजुर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की फूफी उमैमा बिन्ते अब्दुल मुत्तलिब की बेटी है .

हुजुर अलैहिस्स्लातु वस्सलाम ने अपने आजाद किये हुए गुलाम और मुतबन्ना हज़रत जैद इब्ने हारिसा से उनका निकाह

कर दिया था. लेकिन खुदा की शान की दोनों मिया बीवी में निबाह न हो सका. और हज़रत जैद रज़ीयल्लाहू अन्हु ने

उनको  तलाक  दे दी , जब उनकी इद्दत गुजर गयी तो अचानक एक दिन यह आयत उतर पड़ी:-

फ लम्मा कादा जैदुम्मिन्हा वा तरअन जव्वा जन नकहा

जब जैद ने हाजत पूरी कर दी (तलाक दे दिया और इद्दत गुजर गयी ) तो हम ने (जैनब) का आपके साथ

निकाह कर दिया. इस आयत के नाजिल होने पर रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने

मुस्कुराते हुए इरशाद फ़रमाया की कौन है ? जो जैनब के पास जाकर यह झुश खबरी सूना दे की अल्लाह तआला ने

मेरा निकाह उनके साथ कर दिया. यह सुनकर एक खादिमा  दौड़ी हुई गयी और हज़रत  जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा

को यह खुशखबरी सूना दी . हज़रत जैनब को यह खुशखबरी सुन कर इतनी ख़ुशी हुई की अपने जेवरात

उतार कर खादिमा को इनाम दे दिया और खुद सजदे में गिर पड़ी. और फिर दो माह लगातार

शुक्रिया का रोज़ा रखा .

ह भी पढ़े हज़रत उम्मे हबीबा रज़ियल्लाहू अन्हा

निकाह के लिए लड़की की इज़ाज़त

हज़रत जैनब बिन्ते जहश  रज़ियल्लाहू अन्हा

हुजुर अलैहिस्स्लातु वस्सलाम ने हज़रत जैनब के साथ निकाह करने पर इतनी बड़ी दावते वालिमा फरमाई

की किसी बीवी के निकाह पर इतनी बड़ी दावते वलीमा नहीं की थी. सहबाए किराम को आपने

नांन  गोश्त खिलाया. (बुखारी व मिश्कात जी. २ स. २७८)

हुजुर अलैहिस्स्लातु  वस्सलाम की मुकद्दस बीबियो में हज़रत जैनब बिन्ते जहश  रज़ियल्लाहू अन्हा

इस खुसूसियत में सैम बीबियो में मुमताज़ है की अल्लाह तआला ने उनका निकाह खुद अपने

हबीब से कर दिया . उनकी एक खुसूसियत ये भी है की यह अपने हाथ से कुछ दस्तकारी करके

उसकी आमदनी फकीरों और मिस्कीनो को दिया करती थी. चुनांचे एक मर्तबा हुजुर ने फ़रमाया

था की मेरी वफात के बाद सबसे पहले मेरी उस बीबी की वफात होगी जिसके हाथ सब बीबियो से

लम्बे है.  यह सुन कर सब बीबियो ने  एक लकड़ी से अपना अपना हाथ नापा तो हज़रत सौदा

रज़ियल्लाहू अन्हा का हाथ  सब से लंबा निकला लेकिन जब हुजुर अलैहिस्सलाम की  वफाते  अक्दस

के बाद सबसे पहले हज़रत जैनब बिन्ते जहश  रज़ियल्लाहू अन्हा की वफात हुई तो लोगो के समझ

में यह बात आई की हाथ लंबा होने से हुजुर अलैहिस्स्लातु वस्सलाम की मुराद कसरत से सदका देना था.

हज़रत जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा
हज़रत जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा

हज़रत जैनब बिन्ते जहश रज़ियल्लाहू अन्हा

अपनी किस्म किस्म की सिफ़ाते हमिदा की बदौलत यह तमाम अज्वाजे मुत्तहहरात में खुसूसी इम्तियाज़

के साथ मुमताज़ थीं. सन 20 हिजरी या २१ हिजरी में मदीना मुनव्वरा के अंदर उनकी वफात हुई और

अमीरुल मोमिनीन हज़रत उमर  रज़ियल्लाहू अन्हु ने हर कूचा व बाज़ार में यह एलान करा दिया था

की सब लोग उम्मुल मोमिनीन के ज़नाज़ा में शरीक हो . चुनाचे बहुत बड़ा मजमा हुआ और अमीरुल मोमिनीन

ने खुद ही उनकी  नमाज़े जनाज़ा पढ़ाई और उनको जन्नतुल बकिअ में हुजुर अलैहिस्सलाम की

दूसरी बीबियो के पहलु में दफ़न किया (मदारिजुन्नुन्बुवत जी.२, स. ४७६ वगेरह)

तब्सेरा :-

हज़रत जैनब रज़ियल्लाहू अन्हा को  हुजुर अलैहिस्स्लातु वस्सलाम की जाते अक्दस  से किस कदर  वालिहना

इश्क था की  उन्होंने अपने निकाह की खबर सुनकर अपना सारा जेवर खुश खबरी देने वाली लौंडी को

दे दिया और स्ज्दाये  शुक्र अदा किया , और  ख़ुशी में लगातार रोजादार रही , फिर ज़रा उनकी सखावत

पर भी  नजर डालो की  शहन्शाए  दारैन की मलिका होकर अपने हाथ कि दस्ताकारी से जो कुछ कमाया

करती थीं. वह फकीरों और मिस्कीनो को दे दिया  करती थीं. और सिर्फ इसीलिए मेहनत व मशक्कत करती थी,

की फकीरों एयर मोहताजो की इमदाद करे अल्लाहु अकबर !मुहब्बते रसूल और मिस्कीं नवाजी और गुरबा

परवरी के यह जज्बात तमाम मुस्लमान औरतो के लिए नसीहत आमोज व काबिले तकलीद शाहकार है.

ख़ुदावन्दे करीम सब औरतो को तौफीक अता फरमाए आमीन !

 

 

 

Leave a Comment