हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा

बिस्मिल्लाह  हिर्रहमान निर्रहीम , अस्सलाम अलैकुम इस पोस्ट में हम ताज्किराए सालिहत में हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा आपके बारे में पढेंगे आप  रसूले पाक सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम आपकी शहजादी है .

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हज़रत सफिय्या रज़ियल्लाहू अन्हा

हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा 

एलाने नबुव्वत से सात बरस पहले जबकि हुजुर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्र शरीफ का

तैतिसवा साल था . आप हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा मक्का मुकर्रमा में पैदा हुईं . 

पहले आपका निकाह अबू लहब के बेटे ‘उतबा’ से हुआ था. मगर अभी रुखसती नहीं हुई थी की

सुरह तब्बत यदा नाजिल हुई. इस गुस्से में अबू लहब के बेटे उतबा ने हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू 

अन्हा को तलाक दे दी . इसके बाद हुजुर सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम ने हज़रत उस्मान 

गनी रज़ियल्लाहू अन्हु से उनका निकाह कर दिया और इन दोनों मिया बीबी ने हबशा की तरफ 

और फिर मदीना की तरफ हिजरत की. और दोनों साहेबुल हिजरतैंन (दो हिजरतो वाले )

के मुअज्जज  लकब से सरफ़राज़ हुए .

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तज्किराए सालिहात हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा 

जंगे बद्र के दिनों में हज़रत रुकैय्या बहुत बीमार थीं चुनाचे हुजुर अलैहिस्स्लातु  वस्सलाम ने हज़रत

उस्मान रज़ियल्लाहू अन्हु को उनकी  तीमारदारी के लिए मदीना शरीफ में रहने का हुक्म दिया 

और जंगे बद्र में जाने से रोक दिया हज़रत जैद  बिन हारिसा रज़ियल्लाहू अन्हु जिस दिन जंगे बद्र में 

फतहे  मुबीन की खुशखबरी लेकर मदीना शरीफ पहुंचे उसी दिन बीबी रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा 

ने बीस बरस की उम्र  पाकर मदीना शरीफ में इन्तेकाल किया. 

हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जंगे बद्र की वजह से आपके जनाजा में शरीक न हो सके 

हज़रत उस्मान गनी रज़ियल्लाहू अन्हु अगरचे जंगे बद्र में शरीक नहीं हुए मगर हुजूरे अकरम 

सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम ने उनको जंगे बद्र में मुजाहिदीन में शुमार  फरमाया और 

मुजाहिदीन के बराबर माले गनीमत में हिस्सा भी अता फरमाया .

हज़रत रुकैय्या रज़ियल्लाहू अन्हा 

हज़रत बीबी रुकैय्या के शिकमे  मुबारकसे एक फरजंद पैदा हुए थे जिनका नाम ‘अब्दुल्लाह ‘ था 

मगर वह अपनी वालिदा की वफात के बाद सन चार हिजरी में वफात पा गए . 

बीबी रुकैय्या  राज़ियाल्लाहू अन्हा की कब्र मुबारक भी जन्नतुल बकिअ में है 

(जुरकानी   जिल्द 3 स. १९८  )

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