हज़रत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा

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बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम ” अल्लाह के नाम से शुरू जो बड़ा ही करीम निहायत ही रहम वाला है “

ताज्किरए  सालिहात ( चाँद नेक औरतो के हाल )

“ये वो माये है जिनकी गोद में इस्लाम पलता था इसी गैरत से इंसान नूर के सांचे में ढलता था “

इस पोस्ट में ख्वातिने इस्लाम हज़रत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा और 

 उन  मुकद्दस बीबियो का मुख़्तसर तजकिरा है जो की तारीखे इस्लाम 

में सलिहात (नेक बीबियों ) के लकब से मशहूर है ताकि आजकल माँ बहनों को उनके वाकियात और

उनकी मुकद्दस जिंदगी के मुबारक हालत से इबरत व नसीहत हासिल हो और यह उनके नक्शे कदम पर चलकर 

अपनी जिंदगी सवार ले.

इन काबिले एहतराम ख्वातीन की लज़ीज़ हिकायतो  को हम रसूलल्लाह सल्लाहू अलैहि वसल्लम 

की मुकद्दस बीबियो के जिक्र जामिल से शुरू करते है जो तमाम उम्मत की माये है .

  जिनकी फ़ज़ीलत व अजमत का खुतबा पढ़ते हुए कुराने अज़ीम ने कियामत 

तक के लिए यह एलान फरमा दिया है की -“ए नबी की बीबियो ! तमाम जहाँ की औरतो में कोई 

भी तुम्हारी मिस्ल नहीं है !”

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हज़रत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा

 

आप भी हमारे हुजुर  صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ की मुकद्दस बीवी और तमाम उम्मत की माँ है .

आपके वालिद का नाम ‘ जमआ’ और माँ का नाम ‘शमूस बिन्ते अमर’ है.यह भी कुरैशी खानदान की

बहुत ही नामवर और मोअज्जज  औरत है. आप पहले अपने चचाज़ाद भाई ‘सकरान इब्ने अमर ‘ से ब्याही

गयीं थीं . और इस्लाम की शुरुआत हि में यह दोनों मिया बीवी मुसलमान हो गए थे .

और कुफ्फर के जुल्मो सितम से तंग आकर हबशा को हिजरत भी कर चुके थे .लेकिन

जब हबशा से वापस होकर दोनों मिया बीवी मक्का मुकर्रमा में आकर रहने लगे थे तो उनके

शोहर का इन्तेकाल हो गया हुजूरे अकरम   صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ भी हज़रतखदीजा के 

इन्तेकाल के बाद दिन रात मग्मुम रहा करते थे . यह देख कर हज़रत खौला बिन्ते हकिम रज़ियल्लाहू अन्हा

ने बारगाहे रिसालत में यह दरख्वास्त पेश कि  की  या रसूलुल्लाह ! हज़रत सौदा बिन्ते जमआ  से निकाह

फरमा लिजिय्र ताकि आपका खानए  मइशत  आबाद हो जाये . हज़रत सौदा बहुत ही दीनदार और

वफा शेआर खातून है . और बेहद खिदमत गुजार भी है.

चुनांचे हज़रत खौला रज़ियल्ल्हू अन्हा  ने हजरत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा  के वालिद से बात चित

करके निस्बत तय करा दी और निकाह हो गया . और यह उम्र भर हुजुर  صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَकी 

जौजियत के शरफ से सरफ़राज़ रहीं . और जिस वालिहाना मुहब्बत व अकीदत के साथ वफादारी व खिदमत

गुजारी का हक़ अदा किया वह उनका बहुत ही शानदार कारनामा है.

हज़रत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा

आप हज़रत बीबी आइशा रज़ियल्लाहू अन्हा के साथ हुजुर की मुहब्बत को देख कर उन्होंने अपनी बारी का दिन

हज़रत आइशा रज़ियल्लाहू अन्हा को दे दिया था  . हज़रत आइशा रज़ियल्लाहू अन्हा फरमाया करती थीं कि

किसी औरत को देख कर मुझ को यह लालच नहीं होती थी की मै भी वैसी ही होती . मगर मै हज़रत सौदा

रज़ियल्लाहूअन्हा के जमाले सूरत व हुस्ने सीरत को देख कर यह तमन्ना किया करती थी कि

काश मै भी हज़रत सौदा जैसी होती. यह अपनी दूसरी किस्म किस्म की खूबियों के साथ बहुत

फैयाज़ और आला दर्ज़ा की सखी थी . एक मर्तबा अमीरुल मोमिनीन हज़रत उमर रज़ियल्लाहू अन्हु ने

अपनी खिलाफत के ज़माने में दिरहमो से भरा हुआ एक थैला हज़रत बीबी सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा

के पास भेज दिया उन्होंने उस थैले को देखकर कहा की , वाह ! भला  खजूरो के थैले में कही दिरहम

भेजे जाते है ? कहा और उसी वक़्त उठ कर उन तमाम दिरहमो को मदीना मुनव्वरा के

फकीरों और मिस्कीनो को घर में बुला कर बाट दिया और थैला खली कर दिया .

इमाम बुखारी और इमाम जहबी  का कॉल है की सन २३ हिजरी में मदीना मुनव्वर के अंदर उनकी

वफात हुई लेकिन वाकेदी और साहबे इकमाल के नजदीक उनकी वफात का साल सन ५४ हिजरी है

मगर अल्लामा इब्ने हज़र अस्क्लानी ने तकरिबुत्तहजिब में उनकी वफात का साल सन ५५ हिजरी

शव्वाल का महिना लिखा है उनकी कब्रे मुनव्वर मदीना मुनव्वरा के कब्रिस्तान जन्नतुल बकिअ में है

(जुरकानी जी. 3.स. ५९९)

तब्सेरा

गौर करो की हज़रत बीबी खदीजा रज़ियल्लाहू अन्हा  के बाद हज़रत सौदा रज़ियल्लाहू अन्हा ने किस तरह

हुजुर अलैहिस्स्लातु वस्सलाम आपके गम को दूर किया और किस तरह काशानए नबुव्वत को सम्भाला

की कल्बे मुबारक मुतमईन हो गया. और फिर उनकी मुहब्बते रसूल  صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ पर एक नजर

डालो की उन्होंने हुजुर अलैहिस्सलाम की ख़ुशी के लिए अपनी बारी का दिन किस खुश दिली के साथ

हजरत बीबी आइशा रज़ियल्लाहू अन्हा को दे दिया . फिर उनकी फैयाज़ी और सखावत को भी देखो

कि दिरहमो से भरे हुए थैले को चन्द मिनटों में फकीरों व मिस्कीनो के दरमियाँ तकसीम कर दिया . और

अपने लिए एक दिरहम भी न रखा .

माँ, बहनों खुदा के लिए इन उम्मत की माँओ के तर्ज़े अमल से सबक सीखो और नेक बीबियो की फेहरिस्त

में अपना आम लिखाओ हसद और कंजूसी न करो और काम चोर न बनो .

 

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